पटना से महज़ 60 किलोमीटर दूर बिहार के अभगिला गाँव में गौरक्षको की भीड़ ने रविवार के दिन गाय भक्षण के आरोप में एक मुस्लिम परिवार के घर को घेर लिया . भीड़ ने घर को आग के हवाले करने की कोशिश भी की
मामला भोजपुर ज़िले का है जब अफवाहों का बाजार गर्म हुआ की बकरा ईद के अवसर पर एक परिवार ने गाय की क़ुरबानी कर डाली . मौके पर पुलिस पहुंची और मांस समेत 2 लोगो को गिरफ्तार कर लिया .
सहर पोलिस स्टेशन के वक्ता ने बताया
"गाय की क़ुरबानी की अफवाह जंगल में आग की भांति फ़ैल गयी और आसपास के गाँव के लोग मुस्लिम परिवार के घर के सामने इकठ्ठा हो गए "
उन्होंने आगे बताया कि
" सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और लोगो के गुस्से को शांत किया तथा यह आश्वासन दिया कि मुजरिमो को छोड़ा नहीं जायेगा "
नाम न बताने की शर्त पर एक स्थानीय विभाग के चयनित प्रतिनिधि ने बताया कि यदि पुलिस समय पर नहीं आती तो यह भीड़ जिसका नेतृत्व बजरंग दल और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता कर रहे थे, घर को आग लगा देते . उन्होंने बताया कि
" यदि पुलिस आधा घंटा देरी से आती तो स्थिति भिन्न होती क्योकि भीड़ गाय को मारने वाले की हत्या के नारे लगा रही थी "
पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव फ़ैल चुका है जिसके मद्देनज़र भारी पुलिस बल तैनात किया जा चुका है . विदित हो यह तनाव ऐसे माहौल में हुआ जब मुस्लिम समाज के पर्व ईदुल अज़हा को देशभर में मनाया गया .
एक महीने पहले 3 अगस्त को पहली बार बिहार के भोजपुर ही में गौ रक्षको का आतंक दिखाई दिया जब उन्होंने बीफ लेजाने के शक में एक ट्रक ड्राइवर और 2 खलासियों को पीटा था जिसके बाद पुलिस ने उन्ही तीनो को गिरफ्त में लेलिया था
एक अन्य घटना में 7 मुस्लिम युवको की पिटाई की गयी थी जिसके बाद पुलिस ने उनको गिरफ्तार किया था . पुलिस द्वारा गिरफ्त में लेने के बाद गौरक्षको ने पुलिस से गिरफ्तार हुए लोगो को उनको सौंपने की मांग की जिसे पुलिस ने ठुकरा दिया तो गौ-तंकियो ने पुलिस पर पत्थर बरसा दिए. स्थानीय पत्रकारों के अनुसार जबसे नितीश कुमार ने भाजपा के साथ गठबंधन किया तबसे अचानक गौरक्षक उभर कर सामने आने लगे
Sources : Financial Express
Photo : IronyOfIndia
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