क्या गौरी लंकेश की ह्त्या का कारण उनका लिखना था ? खैर यदि आप इस वक्तव्य से असहमत है तो जान लीजिये कि ऐसा कथन मुझे कहने की आवश्यकता क्यों पड़ी। भारतीय जनता पार्टी के श्रृंगेरी से विधायक और पूर्व मंत्री डीएन जीवराज ने चिकमंगलुरु में एक समारोह में यह बयान दे डाला कि गौरी लंकेश ने अगर आरएसएस के खिलाफ नहीं लिखा होता तो आज वे जिंदा होतीं. उनके अनुसार गौरी लंकेश जिस तरह लिखती थीं, वह बर्दाश्त के बाहर था.
जीवराज ने जनता को सम्बोधित करते हुए सिद्धारमैया सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के राज में कई संघ के स्वयंसेवक ने अपनी जान गंवाई है लेकिन सरकार ने आजतक इनकी जांच में कोई कडा कदम नहीं उठाया है उन्होंने यह भी कहा कि गौरी मेरे लिए बहन जैसी थी लेकिन संघ के खिलाफ लिखना अस्वीकार्य था।
विधायक जी की इस कथनी पर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की जा चुकी है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस बयान पर प्रतिक्रिया दी है कि इसका क्या मतलब है? क्या इससे यह संकेत नहीं मिलता कि इसके पीछे उनका हाथ है?
उधर, हंगामा होने के बाद जीवराज का कहना है कि उनके शब्दों का गलत मतलब निकाला गया है.गौरतलब हो की मंगलवार को पत्रकार गौरी लंकेश की ह्त्या कर दी गयी थी। उनकी मृत्यु से सोशल मीडिया पर भाजपा मानसिकता लोग काफी खुश है
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