गाय के साथ बहुत लोगो की आस्था है लेकिन जब यह आस्था किसी महिला के सम्मान से ज़्यादा ही बढ़ जाए तो स्थिति विचारणीय है। महिला भी ऐसी जो कमज़ोर तथा वृद्ध है। बछड़ा मरने के बाद पंचायत ने एक महिला से ७ दिन भीख मंगवाई लेकिन 3 ही दिन में महिला चक्कर खाकर गिर गयी। इस तरह का फैसला आज के डिजिटल इंडिया में दिया जाता है , यह बात वाकई निंदनीय है।
मामला भिंड के मातादिनपुर गाँव का है जहा 55 वर्षीय कमलेश से एक गाय का बछड़ा मर गया। हुआ ऐसा कि बछड़ा दूध पी रहा था और महिला उसे पीछे खींच रही थी इसी दौरान गला घुटने से बछड़े की मृत्यु हो गयी।
इस बात को लेकर पंचायत हुई और फैसला यह सुनाया गया कि हत्या के जुर्म में महिला को 7 दिन गाँव के बाहर 7 अलग अलग जगहों पर भीख मांगनी पड़ेगी। इस बीच वह गाँव में नहीं आसकती। क्रूरता की हद देखिये कि 7 दिन बाद गर्मी में झुलसने के बाद महिला को इलाहबाद जाकर गंगा स्नान करना होगा। इस शुद्धि के बाद ही वह घर आसकेगी।
मुझे इस सब में यह चीज़ सही लगी कि कम से कम इस महिला के साथ मारपीट और ह्त्या नहीं हुई।

कमलेश का कहना है कि उसने बछड़े को दूध पीने के लिए छोड़ा था और जब हटाने का प्रयास किया तो रस्सी उसके गले में फंस गयी और वह मर गया। यह मामला मिडिया में आया तो पंचायत ने सफाई दी उन्होंने ऐसा कोई फरमान नहीं सुनाया बल्कि वह महिला खुद गंगा स्नान करके प्रायश्चित करना चाहती थी
कमलेश के पुत्र अनिल श्रीवास ने बताया कि उनकी माँ को नजदीकी गाँव में रिश्तेदार के यहाँ रहना पड़ा। भीख मांगने के कारन शारीरिक और मानसिक तनाव के चलते उनकी तबियत बिगड़ गयी जिसके बाद उनको हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया।
सोचिये ज़रा यह देश स्किल इंडिया , डिजिटल इंडिया और कैशलेस इंडिया की तरफ जा रहा है लेकिन अब भी कुछ दकयानूसी लूसी लोग लकीर के फ़कीर बनकर पुरानी परम्पराओ को ढो रहे है। विदित हो कि राज्य में भाजपा की सरकार है जिसका दावा देश से महिलाओ पर होता अत्याचार मिटाना है
सोर्स : NDTV
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