महान मुक्केबाज़ मोहम्मद अली, जो अपनी मुक्केबाजी कला के बल पर दुनिया में न केवल पहचाने गए बल्कि कई युवाओ के लिए प्रेरणा भी बने। अली ने न केवल खुद को रिंग के अंदर एक हीरो के तौर पर स्थापित किया बल्कि रिंग के बाहर भी उन्होंने ज़िम्मेदार नागरिक होने का सन्देश दिया।
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| जब मोहम्मद मिले मोहम्मद से (मोहम्मद अली के साथ मोहम्मद रफ़ी) |
बात है 1981 की, जब एक 21 वर्षीय युवक लॉस एंजेलेस की एक ईमारत की नौंवी मंज़िल पर चढ़ कर आत्महत्या करने का प्रयास कर रहा था। उसके परिजन और पुलिस उसको मनाते मनाते थक चुके थे। हर तरह की वार्ता विफल हो चुकी थी तब ऐसे में मोहम्मद अली सामने आये। मोहम्मद अली वही करीब ही कही आये हुए थे जब उन्होंने सुना तो फ़ौरन युवक के पास गए। नौंवी मंज़िल पर एक अन्य खिड़की द्वारा अली ने लगभग 20 मिनट उस युवक से वार्ता की।
खुशकिस्मती से अली ने उसको आत्महत्या न करने के लिए मना लिया
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