कहते है दुनिया की जनसंख्या बहुत ज़्यादा है और इसी कारण भुखमरी है। इसको लेकर कई तरह के अटकले भी है लगती है एक विचारधारा कहती है कि भुखमरी की वजह इंसानो का ज़्यादा होना नहीं बल्कि कुछ इंसानो के पास ज़्यादा और कुछ के पास कम होना, है। खैर धन सम्पदा का डिस्ट्रीब्यूशन क्या है उस पर फिर कभी बात करेंगे। आज हम बताएँगे कि ज़मीन का बटवारा किस कदर है। आप यकीन नहीं करेंगे यह देख कर कि दुनिया की आबादी इस दुनिया में किस तरह विभाजित है। यह पोस्ट आपको बताएगी कि दुनिया के कई देशो में लोग एक जगह तंग होकर रहते है तो वही पूरा देश खाली पड़ा है। खैर खाली भूमि होने का यह भी मतलब नही कि वह रहने योग्य ही हो।
जानिये, शायद आज तक यह ज्ञान आपको किसी ने न दिया हो

इस नक़्शे को देखिये। यह दुनिया है यहाँ कि पहली आधी आबादी पीले रंग के हिस्से में रहती है जबकि दूसरी आधी आबादी काले हिस्से में बटी है

यह भी दुनिया का नक्शा है और पहले से ज़्यादा मज़ेदार। इसमें आप देखिये दुनिया कि 5 फीसद आबादी लाल घेरे में है और जितनी आबादी लाल घेरे है उतनी ही नीले रंग में रहती ही
.

यह इटली है। देखिये यहाँ पहली 50 फीसद आबादी मात्र 8 फीसद हिस्से में रहती है। ऐसा इसलिए क्योकि यहाँ पहाड़ और वादिया बहुत है

ऑस्ट्रेलिया ने मुझे सबसे ज़्यादा आश्चर्यचकित किया क्योकि इसकी पहली आधी आबादी और दूसरी आधी आबादी के बीच भूमि का जो बटवारा है, बहुत ज़्यादा है। एक बात और, ऑस्ट्रेलिया कि आबादी उतनी है जितने साल में इंडिया में बच्चे पैदा होते है।

यह है अमेरिका , ज़्यादातर लोग शहरो में रहते है और बीच के ग्रामीण इलाके खाली है

यह स्पेन है। अब आगे मैं क्या बताऊ ?

कनाडा के आधे लोग इस नारंगी जगह में रहते है

तुर्की पहाड़ो से पटा पड़ा है। थोड़ी जगह ही है जहां लोग रहते है।

इस नक़्शे में पांच देश है और यह दुनिया का सबसे बड़ा रेगिस्तान सहारा रेगिस्तान है। यह पूरे ऊतरी अफ्रीका को घेरकर रखता है। यह पांच देश मिस्र, अल्जीरिया, मोरक्को, तुनिशिया और लीबिया है।

यह फ्रांस है
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स्पांसर पोस्ट

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