यह दुनिया विभिन्न प्रकार की जाति, जनजाति, समाज और धर्मो में बटीं हुई है। सभी के अपने तौर तरीके और रीति रिवाज़ है। हमारे कई रिवाज़ किसी और को और किसी और के रिवाज हमे अजीब लग सकते है ऐसा ही एक रिवाज है नेपाल का।
आइये परिचित कराते है आपको नेपाल के 900 वर्ष पुराने त्यौहार देओपोखरी से जिसमे एक बकरे के बाल, दांत और चमड़ा तब तक खींचा और नोचा जाता है जब तक वो मर न जाए। हालांकि एनिमल वेलफेयर नेटवर्क इन नेपाल यानी ऐ डब्लू एन एन ने कई बार इस त्यौहार पर प्रतिबन्ध लगाने की मांग भी की है परंतु यह त्यौहार हर साल आयोजित किया जाता है।
नेपाल के काठमांडू के प्राचीन गाँव खोकना में आयोजित यह त्यौहार हर वर्ष की भाँति अगस्त में आयोजित होने वाला है।इसमें एक 5 महीने के बकरे को भीड़ के झुण्ड में डाल दिया जाता है। भीड़ सबसे पहले इसे एक तालाब में डालती है फिर अपने अपने तरीके से खेंचती, मुँह से काटती और नोचती है। अधिक से अधिक 40 से 50 मिनट में ही बकरा दम तोड़ देता है।
इस त्यौहार के पीछे कारण यह है कि स्थानीय लोग मानते है कि गाँव के तालाब में शैतानी शक्तियां रहती है। जिसमे कई सारे लोग डूब कर मर चुके है, इस तरह ग्रामीण उन शैतानी शक्तियो को शांत करते है ताकि मानवजाति बची रहे।
नेपाल के पशु रक्षण कार्यकर्ता इसे एक असभ्य और घिनौना कृत्य मानते है। वो इस बात पर भी अचंभित है कि इस तरह का त्यौहार 900 वर्षो से कैसे वजूद में रहा है। इसके लिए उन्होंने चेंज डॉट ओआरजी पर पेटिशन भी डाली है। यदि आपको भी लगता है बकरे के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए तो आप भी पेटिशन भर सकते है
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