
बच्चा चोर समझ कर भीड़ द्वारा मार पिटाई के कारण एक 42 वर्षीय महिला ने दम तोड़ दिया। घटना मंगलवार के दिन की मुर्शिदाबाद ज़िले के सेकेंद्रा गाँव की है। पुलिस ने बताया कि महिला मानसिक दिव्यांग थी। पीड़िता का नाम ओतेरा बीबी था जो अपने माता पिता के संग मीठीपुर पानागढ़ गाँव में रहती थी।
महिला शादीशुदा थी और उसकी मानसिक हालत के चलते उसके पति ने छोड़ा हुआ था। सोमवार रात को जब वह घर से निकली तो वापस नहीं आयी। बकौल पुलिस, उसका ऐसे गायब हो जाना आम बात थी इसलिए घरवालों ने ढूंढने का प्रयास नहीं किया।
मंगलवार के दिन वह सेकेंद्रा गाँव में थी और कथित रूप से दिलीप घोष नामक ग्रामीण के घर घुस गई थी। दिलीप ने जब उसे अपनी नाबालिग बेटी के नज़दीक देखा तो पड़ोसियों को सूचित कर दिया। ग्रामीण 21 जून को लापता हुई एक 14 वर्षीय बच्ची फुलतुषि घोष के कारण गुस्से में थे। अतिशीघ्र लोगो ने उसे बच्चा चोर समझ कर पीटना शुरू कर दिया। उसको ट्रेक्टर से बाँध कर पीटा गया।
मौके की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ से छुड़ा कर अस्पताल लेजाया गया। लालबाग़ के एडिशनल एस पी अंशुमान साहा ने बताया
" हमने गाँव के कुछ लोगो को गिरफ्तार किया है साथ में वीडियो फुटेज भी जमा की है। पहले हम जांच करेंगे फिर दोषियों को पकड़ेंगे , छापे मारी चालू है। बच्चा चोरी की कुछ सत्य घटनाये हुई है जिन्होंने अफवाहों को तूल दिया है जिसने ऐसी घटनाओ को अंजाम दिया "
जनवरी में भी एक 60 वर्षीय महिला को बर्दवान में ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझ कर मार दिया था। एक वरिष्ठ पुलिस अफसर ने कहा
" ऐसी अफवाहे बहुत घातक है और लोग आसानी से इसमें पड़ जाते है। हम मॉनिटरिंग कर रहे है और अफवाह फैलाने वालो को बख्शा नहीं जायेगा"
झारखंड में भी 7 लोगो को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझ कर मार डाला था।
सोर्स
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