
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता अतुल वैद्य को गुजरात गुजरात उच्च न्यायलय ने गुलबर्ग सोसायटी हत्याकांड मामले में जमानत दे दी है। अतुल वैद्य वर्ष 2002 में कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी समेत गुलबर्ग सोसाइटी के 69 लोगो की हत्या में दोषी करार है। यह पहला मामला है कि इतने बड़े हत्याकांड में किसी दोषी को ज़मानत मिली हो।

द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार अतुल वैद्य की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अभिलाषा कुमारी की डिवीजन बेंच ने कहा कि वैद्य के खिलाफ जो सबूत हैं, उनके हिसाब से उन्हें जमानत दी जा सकती है. उन्होंने अपनी सजा के खिलाफ अदालत में अपील की हुई है तथा जेल में एक साल भी बिता चुके हैं।

इस मामले में मरहूम कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जाकिया जाफरी ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और 62 अन्य लोगों पर हत्याकांड की साजिश रचने का आरोप लगाया था. इनके खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज कराने के लिए उन्होंने गुजरात हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसे 2007 में खारिज कर दिया गया था. हालांकि, 2010 में सुप्रीम कोर्ट ने गोधराकांड के बाद दंगों की नौ घटनाओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाया था. इनमें गुलबर्ग सोसाइटी हत्याकांड भी शामिल था. एसआईटी ने 2012 में नरेंद्र मोदी को क्लीनचिट दे दी थी.
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