हिमांशु कुमार एक गांधीवादी कार्यकर्ता है जिन्होंने 18 वर्ष आदिवासियो के बीच समाज कल्याण कार्य किया है। अपने लेखों द्वारा वह समय समय पर जागरूकता फैलाने का कार्य करते है. ताज़ा लेख में उन्होंने बताने का प्रयास किया कि आखिर क्यों और कैसे अब हम चहुँ ओर भारत माता की जय सुनने लगे है ? क्या भारत माता का जयकारा लगाने से ही कोई देशप्रेमी होता है या वो देशप्रेमी होता है जो भारत में रहने वाली असंख्य माताओ के कल्याण के लिए कार्य करता है
"आजकल भारत माता की जय का शोर है
नौजवानों को भड़काया जा रहा है
कि देखो देशद्रोही कम्युनिस्टों और मुसलमानों को
ये लोग हमारी भारत माता के खिलाफ़ हैं
तो आइये अपनी बुद्धी का इस्तेमाल शुरू करते हैं
पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूं
मेरे माता पिता नें आज़ादी की लड़ाई में भाग लिया था
पिताजी गांधी जी के आश्रम में गांधीजी के जीवनकाल में रहे
मैनें और मेरी पत्नी नें पढ़ाई लिखाई करने के बाद
देश की सेवा का प्रण किया
हमने आदिवासियों की सेवा करने के लिए दिल्ली छोड़ कर
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में जाकर अट्ठारह साल काम किया
हमें गांधी वादी माना जाता है
हमने किसी भी कम्युनिस्ट पार्टी की कभी कोई सदस्यता नहीं ली
यानी हम कभी भी कम्युनिस्ट नहीं हुए
मैं खुद को स्वतंत्र सोच का मानता हूँ
आइये अपने चारों तरफ आँख खोल कर देखें
हमारे चारों तरफ क्या समस्यायें हैं ?
क्या भारत की समस्या यह है कि
काफी लोग भारत माता की जय नहीं बोल रहे ?
आप खुद भारत माता की जय दिन में कितनी बार बोलते हैं ?
शायद आप में से बहुत सारे लोगों नें जीवन में कभी भी भारत माता की जय ना बोला हो
या तो यह नारा पन्द्रह अगस्त और छब्बीस जनवरी के कार्यक्रम में लगाया जाता है
या राजनैतिक पार्टियों की रैलियों में
इसके अलावा आम भारतीय इस नारे को कभी भी नहीं लगाता
लेकिन इसका मतलब यह तो नहीं है कि आम भारतीय
देशभक्त नहीं है
और यह भी होता है
कि बहुत सारे नेता जो भारत माता की जय तो जोर से बोलते हैं
लेकिन भ्रष्टाचार करने में ज़रा भी नहीं हिचकिचाते
ऐसे लोगों के भारत माता की जय का नारा लगाने से भारत माता का कोई भला बिलकुल भी नहीं होता
अलबत्ता इनके भ्रष्टाचार से भारत देश का नुकसान ज़रूर होता है
तो ऐसे नारे लगाने का क्या महत्व हुआ ?
अब अपने चारों तरफ ध्यान से देखिये
क्या क्या समस्या हैं आपके आस पास ?
क्या आपको यह दिखाई देता है
कि घर में हमारी माँ सारा दिन काम करती है लेकिन
माँ के अधिकार पिता से कम है
हमारी परिवार की महिला सदस्यों को आज भी रात को घर से बाहर निकलने से पहले सोचना पड़ता है
हम आज तक महिलाओं को बराबरी और सम्मान देने की मानसिकता नहीं बना पाए हैं
यह एक मुद्दा है कि नहीं ?
हमारे चारों तरफ कड़ी मेहनत करने वाले लोगों को ध्यान से देखिये
किसान , मजदूर , कारीगर , गरीब हैं
कम मेहनत करने वाले अफसर , सेठ व्यापारी अमीर हैं और मज़े में हैं
ज़्यादा मेहनत करने वाले तकलीफ में और कम मेहनत करने वाले मज़े में हैं
क्या यह कोई समस्या है या नहीं ?
अपने चारों ओर देखिये शिक्षा महंगी होती जा रही है
शिक्षा को अमीर सेठों को सौंपा जा रहा है
सरकार शिक्षा देने की अपनी ज़िम्मेदार लगातार कम करती जा रही है
सरकार शिक्षा को मुनाफा कमाने का धंधा बनाने के काम में अमीरों की मदद कर रही है
क्या आपको यह कोई समस्या लगती है या नहीं ?
दलितों को समूहों में मार डाला जाता है
ऐसा करने वालों को कभी सज़ा नहीं मिलती
आज़ाद देश में सबको बराबर होना चाहिये या नहीं ?
आपको यह कोई समस्या लगती है या नहीं ?
भारत सभी धर्मों का है
यहाँ सभी धर्मों को मानने वाले बराबर माने जाने चाहियें या नहीं ?
लेकिन हम अल्पसंख्यकों के घर में घुस कर उनके फ्रिज में रखे मीट को झूठमूठ में ही गोमांस बता कर पीट पीट कर मार देते हैं
भैंस बेचने के लिए ले जाने वाले मुसलमानों को पकड़ कर पीट पीट कर सारे आम फांसी पर लटका देते हैं
इससे भारत के मुसलमानों में डर फैलेगा कि नहीं
अगर देश में एक समुदाय डरने लगे
तो यह कोई समस्या है या नहीं ?
भारत में बड़े पैमाने पर बेरोजगारी है ?
बड़ी कम्पनियाँ भारत के बैंकों से पैसा लेती हैं
भारत के किसानों की ज़मीनों पर कारखाने लगाती हैं
लेकिन कंपनियां रोज़गार घटाती जा रही हैं
कंपनियां मशीन बढाती जा रही है ताकि मुनाफा बढ़ जाय
बिना रोज़गार वाला विकास किया जा रहा है
क्या यह कोई समस्या है या नहीं है ?
बड़ी कंपनियों के कारण गाँव के उद्योग नष्ट होते जा रहे हैं
इन छोटे उद्योगों के नष्ट होने के कारण बड़े पैमाने पर बेरोजगारी फ़ैल रही है
आपको यह कोई समस्या लगती है या नहीं ?
भारत में बड़े पैमाने पर बच्चे कुपोषित हैं
यानि बच्चे भूखे हैं
आपको यह देश की समस्या लगती है नहीं लगती ?
देश में सभी लोगों के पास घर नहीं
यह कोई समस्या है या नहीं ?
लेकिन आपको बताया जा रहे है
कि भारत माता की जय ना बोलना एक समस्या है
असल में सरकार की जिम्मेदारी है
कि ऊपर लिखी गयी समस्यायें हल करने के लिए मेहनत करे
लेकिन सरकार समस्याओं का हल करना नहीं चाहती
क्योंकि सरकार अमीरों से रिश्वत लेकर चुनाव जीत कर बनाई गयी है
देश के लोग सरकार से समस्याओं को हल ना करने का सवाल ना पूछने लगें
इसलिए सरकार लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए
भारत माता की जय का शोर मचा रही है
ताकि असली मुद्दों से सारे देश का ध्यान हट जाए
असली मुद्दों की तरफ ध्यान खींचने वालों को देशद्रोही, कम्युनिस्ट नक्सली और पाकिस्तानी एजेंट कह कर गालियाँ दी जा रही हैं
पाकिस्तान में भी ऐसा ही किया जाता है
वहाँ असली मुद्दों से ध्यान बंटाने के लिए इस्लाम खतरे में है का नारा उछाला जाता है
पाकिस्तान में भी जो लोग देश के लोगों का ध्यान असली समस्याओं की तरफ खींचते हैं
उन लोगों को भारत का एजेंट कहा जाता है
इसलिए हमें आपने दिमाग खोल कर खुद सोचना चाहिये
किसी के कहने से भडकाने में मत आइये
सभी लोग देश से प्यार करते हैं
कुछ लोग सिर्फ चिल्लाते हैं
कुछ लोग देशवासियों की चुपचाप सेवा करते हैं
भारत माता के नारे की आड़ में असली समस्याओं से
ध्यान भटकाने की कोशिश करने वाले इन चालाक लोगों के बहकावे में मत आइये
अपने दिमाग का इस्तेमाल कीजिये"
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