शेर मोहम्मद छत्तीसगढ़ में सीआरपीऍफ़ और पेट्रोलिंग टीम की उस टुकड़ी के घायल जवान है जिनपर सोमवार को नक्सलवादी संगठन पीपल लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी ने धावा बोला था। लगभग 300 गुरिल्लाओं के इस हमले में 26 सैनिको ने प्राण त्यागे है।
शेर मोहम्मद का अभी रायपुर हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। उन्होंने अपने शौर्य का परिचय देते हुए न केवल 5 माओवादियों को मार गिराया बल्कि कई जवानो को बचाने में भी सफल हुए।
शेर मोहम्मद उत्तर प्रदेश के जिला बुलंदशहर के असिफाबाद चांदपुर गाँव के निवासी है। चार वर्ष पूर्व उनको छत्तीसगढ़ में भेजा गया था। उन्होंने कई बार नक्सलियों का सामना किया है।
इस समय जब जवान शेर मोहम्मद अपनी ज़िन्दगी से लड़ रहे है, उनकी माताजी उनके लिए दुआ कर रही है। न केवल उनके माँ बल्कि पूरा गाँव और देश उनके लिए दुआ रहा है।
उनकी माँ कहती है :
" मेरे पति भी देश के लिए शहीद हुए है। शेर CRPF की 74वी बटालियन में है। मेरा दूसरा बेटा RTO में इंस्पेक्टर है। मैं चाहती हूँ मेरा पोता भी रक्षा दल में शामिल होकर राष्ट्र की सेवा करे। मुझे गर्व है कि मेरे बेटे ने अपना जौहर दिखाया "
शेर मोहम्मद के पिता स्वर्गीय नूर मोहम्मद और चाचा अब्दुल सलाम भी सेना का हिस्सा रहे है और उनका भाई मुबारक अली RTO में इंस्पेक्टर है
सोमवार को सुकमा में हुए इस माओवादी हमले में 26 जवानो ने प्राण त्यागे है और 7 घायल है। पिछले 7 सालो का यह सबसे खूंखार हमला है।
शेर मोहम्मद और साथी जवानो की सेहत के लिए हम भी दुआ करते है।
मैंने अपने छह व आठ साल के बच्चों की आंखों में ख़ौफ़ देखा है." : एसएसपी की पत्नी शक्ति कुमार
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