इंदौर में 22 अप्रैल को म्युनिसिपल कारपोरेशन ऑफ़ इंदौर ने "करतार कीर्तन साहिब" नामक गुरुद्वारा को ध्वस्त किया दिया है। 400 से ज़्यादा पुलिस बल द्वारा सिख श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा से बाहर निकालने के बाद बुलडोज़र की सहायता से यह कार्यवाही हुई।
सिख24 को बताते हुए एक गुरसिख गुरप्रीत सिंह ने बताया कि 22 अप्रैल को पुलिस के जवानो ने गुरुद्वारा साहिब में आकर सबको निकालने की कार्यवाही की। उन्होंने गुरु ग्रन्थ साहिब जी को भी उनकी गद्दी से हटाना चाहे जिसका सभी पुरुषो और महिलाओ ने विरोध किया लेकिन पुलिस ने बलपूर्वक कार्यवाही की।
उन्होंने आगे बताया कि पुलिस ने 300 साल पुरानी दो तलवारे , चांदी के गुलदस्ते , गोलक ( जिसमे 80,000 रुपए थे ) और लॉकर ( जिसमे 3 लाख रुपए थे ) जब्त कर लिया है। इसी के साथ पुस्तकालय की 40 हज़ार पुस्तके भी साथ ले गए।
सूत्रों के अनुसार इस प्रक्रिया में भाजपा से जुड़े गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी के अध्यक्ष का हाथ हो सकता है क्योकि आगामी 2018 चुनावों में वह भाजपा की ओर से टिकट चाहते है। SGPC अध्यक्ष किरपाल सिंह बडूंगर ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इंदौर म्युनिसिपल कारपोरेशन को दूसरी जगह गुरुद्वारे हेतु देदेनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र भी लिखा जिसमे उन्होंने सिख समुदाय की भावना को आहात न करने के अपील की। उन्होंने कहा कि भारत सेक्युलर राष्ट्र है और किसी भी धर्म की भावनाओ होना चाहिए।
यह खबर सिखसियासत, सिख24 तथा पंजाबी न्यूज़ चैनल चकदे से ली गयी है।
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