केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल के 26 जवानों ने आज माओवादी हमले में अपने प्राण त्याग दिए है। इसी हमले में 7 जवान घायल है तथा 7 लापता है । बीबीसी हिंदी को यह जानकारी बस्तर के डीजी सुंदरराज ने दी
घायलों को इलाज के लिए हेलिकॉप्टर से रायपुर रवाना किया गया है। हमले में घायल हुए एक सिपाही जिनका नाम शेर मोहम्मद है ने बताया कि :
" बस्तर के कालापत्थर इलाके में यह हमला दोपहर 1 के आसपास हुआ। माओवादियों ने पहले स्थानीय लोगो को हमारी लोकेशन खंगालने के लिए भेजा। इतनी देर में हम लगभग 300 माओवादियों से घिर गए जिनमे औरते भी थी। उन्होंने फौजियों जैसी काली वर्दी डाली थी। उनके पास ऑटोमैटिक हथियार जैसे AK-47 और इंसास राइफल थी।"
प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी ने कायरतापूर्ण हमला बताया और सैनिको के लिए शोक जतायाFirst Naxals sent villagers to trace our location, then almost 300 Naxals attacked us. We also fired and killed many: CRPF's Sher Mohammed pic.twitter.com/myrI62i959— ANI (@ANI_news) April 24, 2017
Attack on @crpfindia personnel in Chhattisgarh is cowardly & deplorable. We are monitoring the situation closely.— Narendra Modi (@narendramodi) April 24, 2017
इस घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने दिल्ली की यात्रा स्थगित कर एक आपात बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा :
" हमारे जवान पीछे नहीं हटेंगे। सुकमा माओवादियों का गढ़ है। यह सड़क बनने के बाद उनके नेटवर्क को अपंग कर देगी।"
बता दे कि चिंतागुफा के बुर्कापाल इलाके में सड़क बनाई जा रही थी, जिसकी सुरक्षा के लिए जवानों का दल निकला था.
6 अप्रैल 2010 को भी दंतेवाड़ा में एक हमला हुआ था जिसमे 76 सैनिको ने अपने प्राण गवाए थे। उसके 2 माह बाद 29 जून को नारायणपुर में हुए एक हमले में 26 सैनिको ने प्राण गवाए थे। इस वर्ष 11 मार्च में भी 12 सैनिको की ह्त्या की गयी थी और 4 घायल हुए थे। ताज़ा हमले के बाद माओवादी मारे गये जवानों के हथियार भी अपने साथ ले कर जाने में सफल हुए हैं.
सोर्स : 1, 2, 3,
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