मोदी सरकार का ध्यान अपनी तरफ खींचने के लिए तमिल नाडु से आये किसान हर शांतिपूर्वक प्रयास कर रहे है लेकिन अपने ऑफिस से चाँद किलोमीटर की दूरी पर आंदोलन कर रहे किसानो से मिलने का समय प्रधान सेवक जी नहीं दे पा रहे है।
शनिवार को किसानो ने अपनी हालत और दयनीय स्थिति दिखाने तथा प्रधानसेवक का ध्यान आकर्षित करने के लिए किसी भी सभ्य समाज को शर्मिंदा करने का कदम उठा लिया और मानव मूत्र पीकर सरकार की आत्मा को झकझोरने का असफल प्रयास किया
बीते 39 दिनों में किसान आधा मुंडन , सांप और चूहे मुँह में लेना, नकली शोक सभा स्थापित करना , खुद को कौडे मारना , अपने मृत किसानो के नर मुंडो को साथ लेकर बैठना जैसे कृत्यों को आंदोलन बना चुके है
अब किसान 40वे दिन में प्रवेश कर चुके है और अब उन्होंने मानव मल खाने की धमकी दी है। किसानो की मांग सिर्फ इतनी है कि उनके कर्ज़े माफ़ किये जाए, सूखा ग्रस्त इलाको में पैकेज दिए जाए और उनकी फसल का सही मूल्य दिलवाया जाए
पी अय्याकंनु , जो इन किसानो का नेतृत्व कर रहे है ने कहा " सरकार हमे पानी नहीं दे रही इसलिए हम मूत्र पी रहे है "
10 अप्रैल को यह किसान प्रधान मंत्री कार्यालय के बाहर निवस्त्र भी हो चुके है
सोर्स
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