
नॉलेज बेस , एक सऊदी-फिलिस्तीनी कंपनी , ने हाजियो के लिए ऐसा छाता बनाया है जो इस वर्ष से आने वाले हाजियो के हज के अनुभव को बदल कर रख देगा
हज का समय करीब है और दुनिया भर से लगभग 30 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओ का पवित्र शहर मक्का और मदीना पहुचने की आशा है। कोई बाइक से जा रहा है तो कोई साइकिल से तो कोई गाडी और जहाज़ से , लेकिन अंततः मक्का आकर सबको 11 नंबर की बस यानी अपने पैरो का ही इस्तेमाल करना पड़ेगा। मक्का की चिलचिलाती गर्मी में यह छाता उनके लिए छाँव देने से ज़्यादा काम करेगा।
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यह एक स्मार्ट छाता है इसका नाम "काफ्या" है. यह सौर ऊर्जा से चलता है और सूरज की कारणों को विद्युत ऊर्जा में बदलता है , इस कारण यह एक परंपरागत छाते से थोड़ा हटकर है।
सूर्यो की किरणों से जो बिजली बनेगी उससे एक टोर्च , जीपीएस सिस्टम और छोटा सा पंखा चलेगा। इसी के साथ ही इस छाते में यूएसबी पोर्ट भी लगा हुआ है जिससे हज यात्री अपने मोबाइल या लैपटॉप को चार्ज कर सकता है।

इसके निर्माता मनाल डेंसीस और सऊदी वैज्ञानिक कमल बडाव है। यह छाता अभी उत्पानदन श्रंखला में है
यह पहली बार नहीं है जब किसी अरबी ने विज्ञान और धर्म के बीच ऐसा फ्यूज़न बनाया है। इससे पहले दुबई के फ़ैशन डिज़ाइनर मनाल अल हाम्मदी ने सोलर पैनल को अबाया में डाला था जिसका मकसद ऐसा परिधान बनाना था कि कभी भी कही भी इंसान छोटा सा विद्युतीय केंद्र साथ लेकर चले।
इस वर्ष हज यात्रियों को MaujBox सलाम प्रस्तुत करता है।
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