"सच , एक मशाल की तरह है जिसे जितना हिलाया जाए उतना चमकता है ", यह कहा था विलियम हैमिलटन ने
मैं नहीं जानता कि आप इन फोटोग्राफर को इनकी हिम्मत के लिए सलाम करोगे या इनसे नफरत करोगे। मेरे कहने का मतलब , कैसे कोई किसी के मरते समय की तस्वीर ले सकता है। इन तस्वीरों ने पुनः साबित किया कि "इंसान" इस दुनिया का सबसे खतरनाक जानवर है जिसने दूसरे किसी जानवर से ज़्यादा इंसान का लहू बहाया है
पेश है आपके सामने ऐसी तस्वीरे जिन्होंने दुनिया को हिला कर रख दिया था और जिनको अब तक औसत इंसानो ने नहीं देखा है
1. रोडा डेरी

इस महिला की कहानी बहुत भयावह है। यह एक अच्छे खासे किसान परिवार में जन्मी थी। यौवनावस्था में इसको अपने एक पडोसी किसान के बेटे से प्रेम हो गया था जिसको इसीके घरवालो का विरोध झेलना पड़ा। इसके बाद लड़के की माँ ने भी दोनों को जुदा करवा दिया। यह लड़की वो जुदाई बर्दाश्त न कर सकी। यह पल उसके लिए इतना दर्दनाक था कि उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गयी। रोडा को फिर एडम काउंटी पुअरहाउस में रखा गया जहां वो 40 वर्षो तक मानसिक मरीज़ के तौर पर रही
2. थम्मासाट यूनिवर्सिटी नरसंहार , थाईलैंड
यह तस्वीर नील लेविच ने 1976 में ली थी जिसमे एक राजनैतिक पार्टी के लोग फांसी पर लटकी एक लाश पर प्रहार कर रहे है। यह जगह बैंकाक है। इस तस्वीर के लिए उनको पुलित्ज़र प्राइज 1977 को दिया गया था
3. अबु गरीब जेल .
3. अबु गरीब जेल .

यह तस्वीर 2004 में तस्वीरो की पूरी एलबम में से एक है। जहां अमेरिकी मिलिट्री के लोग अबु गरीब जेल में कैदियो को यातनाये दे रहे थे। cbs न्यूज़ ने इसे प्रकाशित करके दुनिया को यह हैवानियत दिखाई थी
4.विंनित्सा का आखरी यहूदी

यह द्वितीय विश्व युद्ध की तस्वीर है जब एक नाज़ी फौजी एक यहूदी को गोली मारने ही वाला था। इसे मार कर नाज़ी फ़ौज ने विंनित्सा के और 28 यहूदियो के साथ वही गाड़ दिया था
5.रवांडा का नरसंहार , 1994

बहुत कम लोग जानते है कि रवांडा के आतंकी संगठन "हुतु" ने 8 लाख लोगो को बहुत बुरी तरह मार डाला था। हम में से अधिकतर को यह बात नहीं पता क्योकि मारने वाले अवश्य ही अश्वेत थे।
6. फ़िनलैंड में मरने से पहले हँसता हुआ एक रूसी जासूस

रूस का एक अपरिचित जासूस फ़िनलैंड में पकड़ लिया गया था। उसको मृत्यु दंड सुनाया गया। मरने से पहले वो हंस रहा था। घटना 1942 की है
7. साइगॉन गली में मृत्युदंड

एडी एडम्स ने यह मशहूर तस्वीर तब खींची थी जब विएतनाम पुलिस का मुख्या जनरल गुयेन गोक लोन एक विएटकांग अफसर को गोली से मारता है। घटना 1968 की है।
8. गिद्ध और बच्ची .

1993 में उत्तरी सूडान में छुआछूत की बीमारी फ़ैल गयी थी तब पत्रकार केविन कार्टर ने यह तस्वीर ली थी। केविन पहले बच्ची को उठाने जा रहे थे लेकिन बच्ची की बीमारी के कारण अधिकारियों ने करीब जाने नहीं दिया। यह गिद्ध बच्ची के मरने का इंतज़ार कर रहा है ताकि इसे खा सके। यह फोटो खींचने के बाद पत्रकार केविन ने इस दुःख में कि वो कुछ न कर सके, आत्महत्या कर ली थी
दुनिया बहुत दुखो से भरी है दोस्तों , एक दुसरे से प्रेम करिये , नफरत इंसान के लिए नहीं बना है।
( साला रुलाईये दिला बे )
दुनिया बहुत दुखो से भरी है दोस्तों , एक दुसरे से प्रेम करिये , नफरत इंसान के लिए नहीं बना है।
( साला रुलाईये दिला बे )

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