केरल , दक्षिण भारत का एक ऐसा राज्य जो शिक्षा में आज भी सबसे ज़्यादा प्रतिशत रखता है। कुछ आकड़े 99 फीसद तो कुछ 100 फीसद शिक्षा दर बताता है लेकिन केरल सिर्फ इसी कारण देश में "अव्वल नम्बर" राज्य नहीं है बल्कि हम आपको 10 ऐसी उपलब्धिया बता रहे है जो केरल ने सबसे पहले करके खुद को "अव्वल नंबर राज्य" बना डाला और भारत के अन्य राज्यो को भी केरल से सीखने चाहिए
1. उच्च ह्यूमन डेवेलपमेंट इंडेक्स :
केरल भारत का एक मात्र ऐसा राज्य है जिसे 2013 में यूनाइटेड नेशन ने हाई ह्यूमन डेवेलपमेंट इंडेक्स (HDI) में जगह दी थी। HDI एक आकड़ा है जो जीवन दर, शिक्षा और प्रति व्यक्ति संकेतक के आकड़ो से बना होता है। केरल एकमात्र ऐसा राज्य बना जिसने यूनाइटेड नेशन की इस लिस्ट में जगह प्राप्त की।
2. अमेरिका से बेहतर इन्फेंट मोरालिटी रेट :

केरल देश का एक मात्र राज्य है जो यूनाइटेड नेशन के इन्फेंट मोरालिटी रेट (IMR) स्टैण्डर्ड की करीब करीब बराबरी करता है। यहाँ IMR की दर पटरी हज़ार जन्म में मात्र 6 है जबकि अमेरिका जैसे देश के सभी राज्यो का औसत IMR 6.1 है।
3. देश का पहला ट्रांसजेंडर स्कूल :
केरल में भारत का पहला ट्रांसजेंडर स्कूल है। सहज इंटरनेशनल के नाम से बना यह स्कूल कोचि में है। यहाँ वो ट्रान्ससेक्सयुअल बच्चे पढ़ते है जिनका स्कूल छूट गया था।
4 . सबसे पहले हुआ कैशलेस :
केरल की राजधानी से 400 किलोमीटर दूर मल्लपुरम ज़िले में एक आदिवासी गाँव ऐसा है जो सबसे पहले कैशलेस हुआ। 99 फीसद ने एक महीने ही में स्मार्टफोन से ट्रांसक्शन सीख ली।
5. पहला डिजिटल राज्य :
केरल भारत का पहला डिजिटल स्टेट है। केरल में 100 फीसद मोबाइल कनेक्टिविटी और 75 फीसद इन्टरनेट लिटरेसी है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने केरल का डिजिटल एम्पावरमेंट कैम्पैन लांच किया था और इसे देश का पहला डिजिटल स्टेट घोषित किया।
6. देश का पहला योग विलेज :
केरल का एक गाँव कुनामथनाम पूर्ण रूप से देश का पहला "योग विलेज" है। यहाँ के ग्रामीणों ने मंदिर और NGOs के साथ मिलकर इसे अपने जीवन का अभिन्न अंग बना लिया है। अब यह गाँव मेगा योग शो करने पर विचार कर रहा है।
7. 100% प्राथमिक शिक्षा :
केरल देश का पहला राज्य है जहां 100% प्राथमिक शिक्षा है। इसके पीछे अथूलयम नामक एक शैक्षिक प्रोग्राम था जिसे सरकार ने चलाया था जिसके बाद केरल देश का पहला और एक मात्र 100 फीसद पढ़ा लिखा राज्य बन गया है। उनका लक्ष्य सभी को बारहवी तक शिक्षा देना था जो प्राप्त किया जा चुका है।
8. अधिक महिला जनसँख्या दर :
केरल को जो बात सबसे बेहतर बनाती है वह यह कि यह देश का पहला राज्य है जहां महिलाये पुरुषो से ज़्यादा है। प्रति 100 पुरषों पर 109 महिलाये है। ऐसा दुनिया के चंद ही राज्यो में है।
9 . इन्टरनेट को मानवाधिकार में शामिल करना :
केरल ने पहल करते हुए इन्टरनेट को मानव अधिकार की श्रेणी में रखा है। केरल ने 20 लाख परिवारों को या तो सस्ती दरों पर या मुफ्त में इन्टरनेट सर्विस देने के लिए बजट में जगह दी है। दुनिया के कई विकसित देशो में भी इन्टरनेट मानव अधिकार है।
10. देश का पहला "नो डौरी जोन" :

केरल का नीलाम्बुर गाँव में जब आप जायेंगे तो आपका स्वागत से किया जायेगा जिसपर लिखा होगा " नो डौरी ज़ोन" यानी दहेज़ रहित इलाका। ऐसा करने के लिए कई प्रोजेक्ट और वर्कशॉप चलाई गयी। लोगो को दहेज़ के नुकसान के बारे बताया गया और आखिरकार यह गाँव पूरी तरह से दहेज़ रहित इलाका बन गया है
वाक़ई यह 10 मुद्दे जिनपर केरल ने जीत हासिल की एक विकसित देश की निशानी है। हमारे दूसरे राज्यो को भी केरल से सीखने की आवश्यकता है। अपनी बहुमूल्य राय देकर कृपया आप भी "राय चंद" बने
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Impressive
ReplyDeleteIndia k alawa b world me kerla k log sabse aage h
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