कृषि विशेषज्ञ यह मानते है कि अनाज और धान की जगह सब्जिया उगाई जाए तो यह ज़्यादा मुनाफे का सौदा है लेकिन मध्यप्रदेश के आलू किसान राजा चौधरी ने कुछ दिन पहले इंदौर की मंडी में 20 क्विंटल आलू बेच जिसमे उनको कुल एक रुपया बचा
राजा चौधरी को 20 क्विंटल आलू के 1175 रुपए मिले और माल भाड़ा तथा अन्य मज़दूरी की लागत 1174 आई। इस हिसाब से उनको केवल एक रुपया बचा। इससे पहले भी राजा चौधरी के साथ यही हुआ था लेकिन तब हालात इससे भी ज़्यादा बुरे थे। इस बार इनको 1 रुपया तो बचा लेकिन पिछली बार जेब से 700 अतिरिक्त देने पड़े
इसकी जानकारी फेसबुक यूज़र रवि चौधरी वीरू ने दी
यदि सब्जियों के राजा कहे जाने वाले आलू के साथ ऐसा होगा तो बाकी सब्जियों और उनके किसानों की दुर्दशा आप अच्छे से समझ सकते है। ऐसे में सरकार के किसानों के प्रति चलाये गए सभी कदम बस खोखले साबित हो रहे है।
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