
मणिपुर विधानसभा में अपनी निराशाजनक हार के कारण , लंबे समय से AFSPA कानून के खिलाफ शांति पूर्वक लड़ाई लड़ रही मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला ने राजनीती छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा है कि वह इस तंत्र से तंग चुकी है। इरोम अपनी AFSPA कानून के खिलाफ चल रही लड़ाई जारी रखेंगी।
इरोम शर्मीला ने कहा :
" मैं इस राजनितिक सिस्टम से तंग आगयी हूँ। मैंने राजनीती को छोड़ने का फैसला लिया है। मैं कुछ दिनों के लिए दक्षिण भारत जाउंगी "
आगे उन्होंने कहा कि
" लेकिन मैं मेरी AFSPA कानून के खिलाफ चल रही लड़ाई जारी रखूंगी जब तक यह कानून हट नहीं जाता। लेकिन मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता ही की तरह लड़ूंगी "
विदित हो कि इरोम शर्मीला ने वर्ष 2000 से वर्ष 2016 तक , 16 वर्षो लंबा अनशन किया था। जिसके उन्होंने अगस्त 2016 में समाप्त किया था। इरोम ने यह संघर्ष AFSPA कानून के खिलाफ किया था। पांच राज्यो में हुए चुनावो में थौबल विधानसभा क्षेत्र से इरोम ने मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था जिसमे उनको NOTA से भी कम 90 सीट मिली।
यह भी देखिये
Funny : बीबीसी न्यूज़ के गंभीर लाइव साक्षात्कार में बच्चों ने डाली बाधा, घटनाक्रम देखकर हँसते हँसते रो पड़ेंगे आप
गुस्ताख़ ए रसूल तारिक फ़तेह के खिलाफ मामला दर्ज : मेहँदी हसन एनी
No comments:
Post a Comment