अजमेर बम ब्लास्ट केस के प्रमुख अभियुक्त स्वामी असीमानंद को रिहा कर दिया गया है। अदालत ने असीमानंद सहित सहित 6 आरोपियों को बरी कर दिया विदित हो कि कुल 9 आरोपियों को दोषी बनाया गया था । देवेंद्र गुप्ता, सुनील जोशी, और भावेश को अदालत ने दोषी माना है। जिनमे से सुनील जोशी की मौत हो चुकी है। सजा 16 मार्च को सुनाई जाएगी
आज से लगभग 10 वर्ष पहले 11 अक्टूबर 2007 को शाम 6.15 बजे रमज़ान के महीने में इफ्तार के समय अजमेर शरीफ दरगाह में बम धमाका हुआ था जिसमे तीन लोग मारे गए थे जबकि पंद्रह घायल हुए थे।
उस समय एक बैग में जिंदा बम भी था जिसे डिफ्यूज कर दिया गया था। राजस्थान एटीएस ने ऑक्टूबर 2010 में तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी जिनसे 1 अप्रेल 2011 को एनआईए ने यह मामला अपने हाथो में ले लिया था।
एनआईए ने तब जांच पूरी करके 13 आरोपियों के खिलाफ मामला बनाया था जिनमें आठ आरोपी 2010 से जेल में ही बंद हैं और एक आरोपी चन्द्रशेखल लेवे जमानत पर बाहर है। जिन लोगो को दोषी माना गया है उनमे से सुनील जोशी की हत्या हो चुकी है।


No comments:
Post a Comment