पिछले भाग में आपने 7 राजाओ के बारे में पढ़ा कि कैसे उन्होंने 1857 के संग्राम में भारतीय गठबंधन छोड़, अंग्रेज़ो के साथ भारत को और 90 वर्ष गुलाम बनाने में अपना सहयोग दिया। हम और आप 159 वर्ष पहले आज़ाद हो जाते यदि इन 21 राजाओ ने साथ न छोड़ा होता।
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8. हैदराबाद स्टेट
हैदराबाद स्टेट की नींव मुग़लो के कर्मचारियों ने रखी। आसिफ जाहिवास मुग़लो का डेक्कन में वायसराय था। उज़्बेकिस्तान से 17वी शताब्दी में भारत आया था। बाद में मुग़ल कमज़ोर पड़े परंतु वो स्टेट बनाने में सफल हो गया।इस स्टेट ने अंग्रेज़ो का साथ 1857 में दिया। बाद में इसका विलय 1950 को फ़ौज भेज कर इंडिया में कर दिया गया।
9.जयपुर स्टेट
1128 से लेकर 1948 तक ज़िंदा रही यह स्टेट आज के जयपुर में स्थित थी। इस स्टेट ने भी अंग्रेज़ो का साथ दिया और 1948 में इसका विलय भारत में कर लिया गया। इसको जयपुर किंगडम, अम्बर किंगडम और धूंधर किंगडम के नाम से भी जाना जाता है
10. जावरा स्टेट
जावरा स्टेट एक अफ़ग़ान पशतून अब्दुल ग़फ़ूर मोहम्मद खान द्वारा 1808 में स्थापित हुई थी। दस साल में ही यानी 1818 में अंग्रेज़ो ने इसे अपने अधीन कर लिया था। अब्दुल ग़फ़ूर ने बाद में इंदौर स्टेट के होल्कर का भी साथ दिया था। जावरा स्टेट ने 1857 की लड़ाई में अंग्रेज़ो का साथ भी दिया
15 जून 1948 को इसको इंडिया में मिला लिया गया
11. जोधपुर स्टेट
यह स्टेट आठवीं सदी में बनी एक राजघराने से संबंध रखती थी जिनके राव शिवा ने 1250 में इसकी स्थापना की थी। राठौर राजघराने से पहले शासक राव जोधा थे जो 1459 में जोधपुर स्टेट के शासक बने। इस स्टेट अकबर के राज में उसके साथ रहा। अँगरेज़ 1830 तक किसी भी तरह यहाँ प्रभाव नहीं बना सके। बाद में यह स्टेट भी अंग्रेज़ो के संरक्षण में चला गया। 1947 में इसके राजा महाराजा हनवंत सिंह भारत में विलय करने को मना कर दिया था। वो जोधपुर को पाकिस्तान जोड़कर अपने राज्य की उन्नति पाकिस्तान के समुद्री पोर्ट इस्तेमाल करके चाह रहे थे जिसके लिए मोहम्मद अली जिन्नाह ने उनको प्रस्ताव दिया था लेकिन अंत समय में काफी नान-नखरों के बाद उन्होंने भारत में विलय कर लिया। इस स्टेट में भी अंग्रेज़ो का साथ 1857 विद्रोह में दिया था।
12. कपूरथला स्टेट
कपूरथला स्टेट सिख कन्फेंड्रेन्सी के बाद 1772 में वजूद में आई। इसके जस्सा सिंह अहलूवालिया स्थापित किया। अहलूवालिया का जन्म लाहौर अहलु गाँव में हुआ। 1859 में महाराजा रणधीर सिंह बहादुर को अंग्रेज़ो की तरफ से अवध स्टेट में 700 मील वर्ग जगह गयी। भारत की आज़ादी के बाद यह स्टेट भी इंडिया में मिला ली गयी
13. जम्मू और कश्मीर स्टेट
जम्मू और कश्मीर स्टेट 1846 बनी और इसपर शासन किया डोगरा राजवंश के जामवाल राजपूतो ने। यह स्टेट सिख एम्पायर और अंग्रेज़ो के बीच हुई पहली सिख एंग्लो जंग के बाद अमृतसर की संधि के बाद बनी थी। अंग्रेज़ो ने कश्मीर घाटी,लद्दाख और गिलगित बाल्टिस्तान को अपने कब्ज़े में लेकर गुलाब सिंह को 7500000 नानकशाही रूपये के बदले हस्तांतरित कर दिया था। गुलाब सिंह ही कश्मीर के राजा बने। जब 1947 में भारत को स्वतंत्रता मिली तब जम्मू और कश्मीर ने इंडिया में विलय से मना कर दिया। बाद में जब पाकिस्तान ने हमला किया तो इंडिया से गुहार लगाईं तब इंडियन गवर्नमेंट ने विलय की शर्त पर कश्मीर को बचाया
14. केओंझर स्टेट
केओंझर स्टेट 12वि सदी में जोति सिंह जो मयुरभनि स्टेट के अदि सिंह के भाई थे ,रखी। अन्य सोर्स कहते है कि इसकी स्थापना जयपुर के महाराजा मान सिंह के बेटे जय सिंह ने की। जिसने पूरी के जगन्नाथ मंदिर में पूरी के राजा प्रतापेंदर देब की बेटी पद्मावती से विवाह किया था। जय सिंह को विवाह में दहेज़ के रूप में दो स्टेट मयुरभनि और केओंझर मिले थे। पद्मावती के दो बेटे हुए आदि सिंह और जोति सिंह। बाद में दोनों स्टेट इन दोनों भाइयो को मिल गए। 1947 में नारायण भंज देव विलय इंडिया में कर दिया।
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