राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से पाकिस्तानी भगोड़े का वीजा कैंसिल करने और देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग
देवबंद 27 / फरवरी
ज्ञान और इल्म की इस बस्ती में आज सैकड़ों महिलाएं नामूस ए रसूल के बचाव में सड़कों पर निकल आयीं, इस्लामी शिष्टाचार और सभ्यता कीचड़ उछालने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए हाथों में विरोध के नारे वाले तख्तियां लिए औरतों ने साईलेंट प्रोटेस्ट किया,
जुलूस की शकल में देवबंद की ख्वातीन महद ए आयशा सिद्दीक़ा कासिमुल ऊलूम लिलबनात मुहल्ला अबुल बरकात,से ख़ानक़ाह पुलिस चौकी तक गईं
जहां उन्होंने एस.डी.एम द्वारा राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक चार सूत्री ज्ञापन दिया.
औरतों के हाथों में प्ले कार्ड पर विभिन्न तरह के नारे दर्ज थे
जिनमें से कुछ पर लिखा हुआ था, '' तारिक फतेह पाकिस्तानी एजेंट है '', '' तारिक फतेह मुर्दाबाद '', '' तारिक फतेह वापस जाओ '' ; '' तारिक फतेह मलऊन है '', '' तारिक फतेह को गिरफ्तार करो '', '' जी न्यूज चैनल का बहिष्कार करना चाहिए '', '' सांप्रदायिकता बंद करो '' और '' गंगा-जमुनी तहज़ीब जिंदाबाद ''
जैसे नारे थे,
ज्ञापन में कहा गया है, '' भारत एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष देश है, इस देश की स्वतंत्रता, निर्माण और विकास में हर भारतीय चाहे किसी भी धर्म को मानने वाला हो, सभी ने हर तरह की कुर्बानियां दी हैं,
आज इस देश में अक्सर लोग प्यार के साथ रहते हैं। एक दूसरे के दुख दर्द और खुशी में और गम में शरीक रहते हैं। यही हमारे देश की पहचान है। हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान को भारत के लोगों का प्यार और प्यार से रहना और हमारे देश का विकास और समृद्धि पसंद नहीं आती।
इसलिए वह भारत की शांति को दंगों में बदलने का, भारतियों में नफरत पैदा करने का कोई मौका गंवाना नहीं चाहता,
दुर्भाग्य से हमारे देश के कुछ लोग इस साजिश के जाल में फंस जाते हैं। '' ज्ञापन में कहा गया है, '' हम सभी मुसलमानों को अपने भारतीय होने पर गर्व है,
और हम भारत की सांप्रदायिकता की आग से बचाने के लिये तत्पर हैं,
हम आपके ज्ञान में लाना चाहते हैं कि पिछले कुछ महीनों से देश के टीवी चैनल जी न्यूज पर एक पाकिस्तानी व्यक्ति तारिक फतेह 'फतेह का फतवा' नामक शो चल रहा है जिसमें मुसलमानों को चोट पहुंचाने के लिए तारिक फतेह इस्लाम और मुसलमानों के बारे में गलत बयानी करता है, इस्लाम की गलत तस्वीर पेश करता है, यूट्यूब पर उसकी बहुत सी क्लिप्स हैं जिनमें वो अल्लाह के बारे में पैगंबर मोहम्मद स. के बारे में और कुरान के बारे में गलत विचार व्यक्त करता है जो किसी भी मुसलमान के लिए असहनीय है, तारिक फतेह एक पाकिस्तानी है और हो सकता है वह आईएसआई का एजेंट हो और भारत में दंगे भड़काने लिए भेजा गया है
"ज्ञापन में मांग की गई है कि ''
(1) तारिक फतेह का वीजा निरस्त करके उसे तुरंत देश बद्र किया जाए (2) आगे से इसके भारत आने पर पाबंदी लगाई जाए ''
(3) जी न्यूज चैनल के ज़िम्मेदारों पर देश में नफ़रत फैलाने वाले कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग करने,
और टीवी चैनल पर दिखाने की वजह से मुकदमा कायम किया जाए (4) तुरंत इस कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगा कर उसके पूरे कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग को जब्त कर बर्बाद किया जाए ताकि तारिक फतेह जैसे पाकिस्तानी को और किसी भी चैनल को भारत में नफरत फैलाने की हिम्मत न हो
''ये प्रदर्शन महद ए आयशा सिद्दीक़ा कासिम उलूम लिलबनात देवबंद की ओर से आयोजित किया गया था,
जिस में शहर की सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया जिसका नेतृत्व महद आयशा सिद्दीक़ा कासिमुल ऊलूम लिलबनात की प्रिंसिपल श्रीमती इफ़्फत नदीम साहिबा ने की।
एक अलग बयान में इफ़्फ़त साहिबा ने कहा,
'' जिस व्यक्ति को जी न्यूज सैलिब्रेटी का रूप दे रहा है और जिसे सरकार मूकदर्शक बने सामना कर रही है यूट्यूब पर वह क्लिप मौजूद है जिसमें उसने भारत के टुकड़ों में विभाजन होने को अपनी दिली इच्छा बतायी है।
अंत ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई न किया जाना इसके सिवा और क्या हो सकता है कि मुसलमानों और इस्लाम के खिलाफ जहर उगलने की वजह से इसे प्रोमोट किया जा रहा है।
'' इफ़्फ़त साहिबा ने कहा,
' क्या इस व्यक्ति के लिए भारत के सभी नियम निरस्त किये जा चुके हैं, ये व्यक्ति जिस दिलेरी के साथ टीवी चैनलों पे आकर आरोप लगा रहा है कि शुक्रवार में भारत के सभी मस्जिदों में इकट्ठे होकर मुसलमान भारत की तबाही की दुआएं करते हैं
इफ़्फ़त साहिबा ने यह भी कहा कि '' मुसलमान कानून का पालन करते हुए देश मे विभिन्न भागों में इस के खिलाफ एफ.आई.आर रजिस्टर करने की कोशिश कर रहे हैं,
लेकिन विभिन्न बहानों से उन्हें कानून का सहारा लेने से रोका जा रहा है।
अाक़िर इसका मतलब क्या है? क्या कानून केवल मुसलमानों को उनके ना किये गये गुनाहोॆ की सजा के लिए है न कि अधिकार की मांग करने के लिए?
उन्होंने मांग की कि ऐसे व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उसे देश से बाहर निकाला जाए।
उन्होंने कहा कि देश की अखंडता के लिए व्यक्ति का नापाक अस्तित्व भारत के लिये नासूर का दर्जा रखता है हमें अपने देश की शांति और व्यवस्था प्यारा है इसलिए हमारी मांग है कि उसे निर्वासित क्या जाए.
इस जुलूस में शीबा एजाज,
गुलफ़शां राव,
ज़ीनत अबदुस्समद, फरहीन,
फरहा, फैज़िया , साईमा,सना शाहिद, तैय्यबा, फरहीन ज़ाहिद,
अज़रा,ज़ैनब, सदफ़,फातिमा, शमा, तरन्नुम,शहज़ादी
,शमीला अज़मत,हमनशीं गुफरान,
इमराना शाहिद, तहसीन ताहिर,
वायेज़ा़,तैय्यबा अमानुल्लाह, नग़मा फु़र्कान, सितारा आदि के अलावा सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और छात्राएं मौजूद रहीं।
देवबंद से मेहदी हसन एैनी की रिपोर्ट



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