जहां एक तरफ प्रतिदिन भ्रष्टाचार की खबरे सुन सुन कर एक आम भारतवासी का इंसानियत पर से विश्वास उठ गया है वही दिल्ली के एक ट्रैफिक पुलिस कर्मी मदन सिंह ने ईमानदारी और सच्चाई का उदाहरण पेश करके सबको चकित कर दिया।
पूर्वी दिल्ली से सम्बन्ध रखने वाले व्यवसायी जगप्रीत सिंह ने फेसबुक के माध्यम से बताया कि कैसे उनका नोटों से भरा बटुआ सड़क पर गिर गया था और एक पुलिसकर्मी सब इंस्पेक्टर मदन सिंह ने उनको नोट समेत बटुआ वापस दिलाने में सहायता की। बटुए में 50000 रुपए तक की देशी व विदेशी मुद्रा थी।
ट्रैफिक पुलिस ने न केवल बटुआ वापस किया बल्कि जगप्रीत सिंह द्वारा पेश किया गया किसी तरह का इनाम लेने से भी मना कर दिया। जगप्रीत सिंह ने अपना यह अनुभव दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के फेसबुक पेज पर साझा करते हुए मदन सिंह की ईमानदारी के बारे में अधिकारियो को अवगत कराया ताकि ट्रैफिक पुलिस उनकी ईमानदारी के लिए प्रोत्साहित कर सके।
अति शीघ्र ही वह पोस्ट वायरल हो गयी और लोगो ने ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर को सराहा। घटना 7 जनवरी की है जब सराय काले खान में निजामुद्दीन पुल के पास जगप्रीत की गाडी खराब हो गयी थी। गाड़ी को ठीक करने और पुनः चालू करते समय उनका बटुआ सड़क पर गिर गया था। मदन सिंह वही तैनात थे उन्होंने देखा एक साइकिल सवार ने बटुआ उठाया है। शक होने पर मदन सिंह ने साइकिल सवार का पीछा किया और उससे बटुआ लेलिया। बटुए में देशी - विदेशी मुद्रा मिला कर 5000 रुपए मूल्य की मुद्रा थी। बटुए में ड्राइविंग लाइसेंस और एटीएम कार्ड भी था। उसी बटुए में जगप्रीत का विजिटिंग कार्ड भी था जिसपर मदन ने कॉल करके बटुआ लेजाने को कहा। निराश हो चुके जगप्रीत कॉल आने पर वापस उसी जगह गए और धन्यवाद करते हुए बटुआ ले लिया। जगप्रीत ने इनाम देना चाहा लेकिन मदन सिंह ने मना कर दिया।
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