सामाजिक कल्याण कार्यकर्ता और एक्टिविस्ट श्री हिमांशु कुमार ने पुनः अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से छत्त्तीसगढ़ पुलिस के ताज़ा अत्याचारो की बात बताई है। हिमांशु कुमार ने बताया कि कैसे पुलिस द्वारा 14 साल की बच्ची का बलात्कार और हत्या के बाद ग्रामीणों की उठती अवाज़ को बलपूर्वक दबाया गया। इसमें पुलिस ने महिलाओ को भी नहीं छोड़ा और महिलाओ के नाजुक हिस्सो पर हमला किया जिसकी तस्वीरे आप देख सकते है।
संविधान द्वारा यह सभी आदिवासी हिन्दू घोषित है। मैं पूछता हूँ कि बात बात पर हिन्दू हित का नारा लगाने वाली भाजपा आखिर यहाँ हिन्दुओ का हित क्यों मार रही है। 14 साल की बच्ची और यह सभी महिलाये , महिलाये है ऐसे में महिला सुरक्षा और हिन्दू बहन , बेटी बचाओ का नारा देने वाले विहिप के तोगड़िया , बजरंग दल के बजरंगी, योगी आदित्यनाथ, साक्षी महाराज , साध्वी देवा और साध्वी प्रज्ञा कहा है ?
आप , जी हां आप आखिर कब तक चुप रहेंगे। पूरे देश के सामने एक नंगा नाच खेला जा रहा है लेकिन किसी को फर्क नहीं पड़ रहा। किसी के अंदर की इंसानियत जगती क्यों नहीं। कब तक चलेगा आदिवासियो के साथ यह।
पोस्ट देखिये और आपसे अनुरोध है कि इस पोस्ट को अपने फेसबुक वाल पर शेयर कीजिये क्योकि मिडिया ने इस तरह की खबरों को दिखाना बंद कर दिया है।
"छत्तीसगढ़ के दन्तेवाड़ा जिले के गमपुर गांव की चौदह साल की बच्ची के साथ पुलिस के जवानों ने बलात्कार किया,
जब उसके रिश्तेदार युवक ने विरोध किया तो पुलिस के जवानों ने उस लड़की और विरोध करने वाले युवक को गोली से उड़ा दिया,
पुलिस ने मीडिया को बताया कि हमारे जवानों ने अतुल्य वीरता का परिचय देते हुए दो नक्सलियों को ढेर कर दिया,
ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप लाशों का अन्तिम संस्कार नहीं किया,
मारे गये युवक का भाई सोनी सोरी से मिलने आ रहा था तो पुलिस ने उसे जेल में डाल दिया,
ग्रामीणों ने सोनी सोरी को गांव में बुलाया,
सोनी सोरी को गांव वालों ने दोनों लाशें दिखाईं,
ग्रामीणों ने बताया कि मारे गये दोनों की लाशों की आंखें और किडनी गायब थीं,
सोनी सोरी ने इस मामले की जाँच की मांग की,
इस पर सरकार ने जाँच करने की बजाय पुलिस दल को गांव में लाशों को नष्ट करने भेजा,
पुलिस फोर्स ने गांव में जाकर बुजुर्ग आदिवासी महिलाओं की बुरी तरह पिटाई करी,
पिटाई के फोटो आप देख सकते हैं,
पुलिस वालों का कहना था कि तुम लोग सोनी सोरी से शिकायत क्यों करते हो ?
क्या इस तरह का व्यवहार एक लोकतन्त्र में सम्भव है,
यहाँ भाजपा का शासन है,
राष्ट्रवाद की नकली बातें, महिलाओं के सम्मान की फर्ज़ी बातें,
एक लोकतन्त्र में यह बिल्कुल नाकाबिले बर्दाश्त होना चाहिये,
लेकिन पूरा भारत यह सब चुपचाप देख रहा है,
हम एक दिन पछतायेंगे"
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