
11 आतंकवादी के पकड़े जाने पे घिरी बीजेपी ने बचाव के लिए अपने #abvp के गुर्गे से jnu में#कश्मीरी छात्र asif iqbal पे हमला कर दिया जिस कारण aiims में उपचार के लिए ले जाया गया , इसका मकसद है के संघी #आतंकवाद के मुद्दे से ध्यान भटकाया जाए , बाकि सभी दल की चुप्पी और tokenism के अलावा मध्यप्रदेश वाला मुद्दा इशू नही बना लेकिन इसपे काफी क्रांति होने का अंदेशा है । जबके मेरे अनुसार 11 संघी आतंकी का मामला ज्यादा बड़ा है देश के लिए ।
इससे संघी के नंगे होने का खतरा है और मुस्लिम के खिलाफ नफरती प्रचार पे लगाम भी लगेगा जो के ना संघ चाहता है ना ही शातिर ब्राह्मणवादी वामपंथी और कांग्रेसी।

बड़े मुद्दे पे फोकस रखे ।बराए मेहेरबानी , ब्राह्मणवादी चाल में ना फसे ।

आप सोच रहे मध्यप्रदेश #isi एजेंट की गिरफ़्तारी बीजेपी की सरकार करवाई है ?
ऐसा सोचते है तो आप #मुर्ख है । दरअसल , जम्मू कश्मीर की पुलिस ने इनका खेल पकड़ा था , #कश्मीर पुलिस ने इसपे तफ्तीश के लिए आगे मदद मांगी । कश्मीर पुलिस इस मुद्दे को observe कर रही थी , इसलिए #मजबूरन गिरफ्तारी करनी पड़ी । वरना मामला प्रकाश में भी आता तो आराम से दबा दिया जाता है और गिरफ़्तारी तो दूर एक #खरोच भी नही आता ।
खैर, बीजेपी को जब 11 नाम का पता चला तो बचाने की कवायद चालु हो गयी , इन 11 गद्दारो पे ipc के आसान से सेक्शन/धारा लगे , ब्राह्मणवादी मीडिया ने चुप्पी साध ली । वैसे आरएसएस और isi का ये #खेल पुराना है , आरएसएस का वरिष्ठ कार्यकर्ता देवेंदर #पांडे ने भी कबूला था के आरएसएस के कई पदाधिकारी को ISI से पैसे मिलते है ।
#ISIAgentBJP

11 आतंकी पाकिस्तान को ख़ुफ़िया चीज़ साझा करते हुए पकड़े गए । उनका संपर्क बीजेपी से था , वो सब संघी थे ।
उनमे से एक ध्रुव सक्सेना , तो बीजेपी के सोशल मीडिया विंग का चीफ भी है जो के कैलाश विजयवर्गीय और शिवराज सिंह का भी काफी नजदीकी है ।

पार्टी अध्य्क्ष अमित शाह , बीजेपी mp पार्टी अध्य्क्ष , शिवराज सिंह और कैलाश विजयवर्गीय कब देश से माफ़ी मांगेगे ?
मोहन भागवत को भी आतंकियों से तालमेल और ओहदे देने के लिए माफ़ी माँगना चाहिए ।

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