
अमेरिका में हुए एक शूटऑउट में एक भारतीय अभियंता मारे गए और उनके 2 साथी घायल हुए है। हमलावर ने मारते समय " मेरे देश से निकल जाओ" कहा था। पुलिस के अनुसार यह हेट क्राइम का मामला है।
32 वर्षीय श्रीनिवासन कुंचूभोटला ओलाथ के गार्मिन हेडक्वार्टर में कार्यरत थे , उनको बुधवार रात को मार दिया गया जबकि उनके साथ अलोक मदासानी अपनी ज़िन्दगी की लड़ाई अस्पताल में लड़ रहे है। एक अन्य व्यक्ति जिनका नाम इयान ग्रिल्लट है भी इसी शूटिंग में ज़ख़्मी हुए है।
इस हत्याकांड का आरोपी 51 वर्षीय एडम पुरिनटन है , जिसे बृहस्पतिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। ओलाथ पुलिस ,मुखिया स्टीवन मेंके ने कहा कि यह एक बेवकूफी से भरी एवं दुखद घटना है। स्थानीय मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हत्यारे ने शूटिंग करने के दौरान भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा था "मेरे देश से निकल जाओ। "

हत्यारा एडम पुरिनटन नेवी में कार्य कर चुका है। भारतीय दूतावास इस हत्याकांड के बाद हरकत में आयी और मृतक के परिजनों से मिलने पहुँची। अभियुक्त को फर्स्ट डिग्री मर्डर के लिए दोषी बना लिया गया है।
Consul RD Joshi and VC H. Singh rushing to Kansas to assist shooting victim. @SushmaSwaraj @IndianEmbassyUS @NavtejSarna @IndianDiplomacy— India in Houston (@cgihou) February 23, 2017
विदित हो डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद वहा एक फ़र्ज़ी राष्ट्रवाद की धारा बह रही है जिसके अन्तर्गत केवल गोरे लोग ही खुद को असली अमेरिकी मान रहे है। इससे पहले भी कई घटनाएं हो चुकी है। अभी हाल ही में पुलिस ने 3 बड़े हत्याकांड होने से रोके है जिनमे सभी अभियुक्त गोरे अमेरिकी ही है।
विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज जी ने फ़ौरन मदद भेजने की घोषणा भी की
I have spoken to Indian Ambassador in US Mr.Navtej Sarna. He informed me that two Indian Embassy officials have rushed to Kansas.— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) February 24, 2017
I am shocked at the shooting incident in Kansas in which Srinivas Kuchibhotla has been killed. My heartfelt condolences to bereaved family.— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) February 24, 2017
We will provide all help and assistance to the bereaved family.— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) February 24, 2017
भारत में मौजूद फ़र्ज़ी राष्ट्रभक्तो के वैचारिक भाई अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प की जीत की दुआ और जीतने पर नाच चुके है बिना यह सोचे कि फ़र्ज़ी राष्ट्रवाद फ़र्ज़ी ही होता है और इसके भयावह रूप में कोई भी फंस सकता है।
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