2 फ़रवरी के दिन भारत के 7 लाख से ज़्यादा लोगो की दिल की धड़कन तब अचानक बढ़ गयी जब यह खबर आग की तरह फैली कि सोशल ट्रेड डॉट बिज़ के नोएडा स्थित दफ्तर पर स्पेशल टास्क फाॅर्स उत्तर प्रदेश ने छापा मारा और कम्पनी के मालिक अभिनव मित्तल को गिरफ्तार किया गया। खुलासा यह हुआ कि सोशल ट्रेड डॉट बिज़ नाम की कंपनी 7 लाख से ज़्यादा लोगो के 3700 करोड़ रुपये खागई। इसके बाद देशभर के मिडिया में यह बात आग की तरह फ़ैल गयी और लोग सोशल ट्रेड के, दफ्तर के सामने पहुचने लगे। किसी ने कहा उनके रुपए कंपनी खा गयी तो कोई समर्थन में दिखा।
अब बात समझने की यह है कि क्या है सोशल ट्रेड और क्या है 3700 करोड़ का स्कैम?
सोशल ट्रेड डॉट बिज़ 26 वर्षीय अनुभव मित्तल जो एक बीटेक ग्रेजुएट है, कि कंपनी थी जो ऑनलाइन बार्टर और मार्केटिंग की आड़ में मल्टी लेवल मार्केटिंग के ज़रिये उगाही कर रही थी। मित्तल ने एक झूठा दावा किया कि उसकी वेबसाइट को क्लाइंट्स प्रति फेसबुक लाइक या वेबसाइट क्लिक के बदले 8 से 9 रुपए देते है जिनमे से वो 5 रुपया अपने मेंबर्स को देता था। मेंबर बनने के लिए 4 तरह के प्लान थे जो 5725 से शुरू होकर 57500 तक थे। कोई भी ऐसा यूज़र जिसके पास फेसबुक आई डी है अपने हिसाब से पैकेज लेता और उसे सोशल ट्रेड डॉट बिज़ पर एक लॉगिन आई डी और पासवर्ड दिया जाता। साइट में लॉगिन होने के बाद यूज़र को प्रति दिन 10 से 125 वेब लिंक मिलते थे जहाँ जाकर उसको क्लीक करना होता था और प्रति क्लिक के 5 रुपए यूज़र के बैंक खाते में अगले ही दिन डाल दिए जाते।
अपने इन्वेस्टर्स के पैसे से सनी लेओनी और अमीषा पटेल जैसे सितारों के साथ केक काटता मित्तल
प्रतिदिन आरहे पैसो से लोगो का विश्वास इस कम्पनी पर बढ़ने लगा और इस कम्पनी ने फिर यूज़र को 2 अन्य मेंबर जोड़ने को कहा और यह लालच दिया कि 2 मेंबर जोड़ते ही उनको दुगने लिंक्स आना शुरू हो जायेंगे यानी दुगना मुनाफा। कंपनी पर विश्वास कर चुके और मित्तल के झूठ को न समझ पाने के कारण उनको लगा कि हकीकत में कोई क्लाइंट बेस है जो मित्तल को प्रति क्लिक या फेसबुक लाइक के 8 रुपए देरहा है जिसमे से मित्तल यूज़र को 5 रुपया दे रहा है।
इसके बाद भेड़चाल शुरू होती है और लोग जुड़ने लगते है। 1 आदमी 2 को जोड़ता है 2 आदमी 4 को और इसी तरह इस कम्पनी के 7 लाख मेंबर जुड़ गए। 7 लाख लोगो को जोड़ने के बाद जब पिछले 1 महीने से नए जुड़े लोगो के पैसे समय पर नहीं मिले तो उन्होंने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई जिसके बाद खुलासा हुआ कि यह कम्पनी और कुछ नहीं बल्कि नए जुड़ने वाले लोगो के पैसे को पुराने जुड़ चुके लोगो के बीच बन्दर बाँट कर रही थी।
सोशल ट्रेड एक्सपोज्ड
यह पोंजी स्कीम है इस तरह कि कई कंपनिया भारत में पहले भी आयी। speakasia नामक कंपनी ने सब्सक्रिप्शन बेचने के नाम पर एम् एल एम् बिज़नस किया तो सोशल ट्रेड ने लाइक बेचने के नाम पर। सोशल ट्रेड जो लिंक देता था उनमे अक्सर फ़र्ज़ी या मात्र फेसबुक प्रोफाइल थे। कई लिंक तो खुलते भी नही थे। इस मोडल को और आसानी से समझने के लिए आप एक उदाहरण ले सकते है कि इसके दिए गए लिंक्स में शंकर जूस वाले के फेसबुक पेज का लिंक था। मित्तल कहता था कि वह क्लाइंट से 8 रुपए लेकर मेंबर को ५ रुपए देता है। आप सोचिये कोई जूस सेण्टर वाला प्रतिदिन या सिर्फ एक बार भी 7 लाख लोगो को 5-5 रुपए दे सकता है ?
असल में यह गेम पूरी तरह पैसो की बंदरबांट का गेम है। 1 लाख लोग 5000 लाख लेकर आये , उन्होंने 2 लाख लोगो को लगाया जो 10000 लाख लाये। इसमें से पहले जुड़े लोगो को पैसे दिए गए और उन्होंने फिर पूरी मेहनत से कुछ लोगो को जोड़ा इस तरह 2 लाख लोगो ने 4 लाख के आसपास लोगो को जोड़ा। फिर किसी भी वजह से downline से जब पैसा नहीं आता तब इस तरह की कंपनी भाग जाती है।
यूट्यूब पर आप देख रहे होंगे कि कुछ लोग अभी भी समर्थन में है इनमे वो लोग है जिनकी या तो 100-50 लोगो की टीम है और अपना पैसा कमा चुके है या वो लोग है जो इस गेम को समझ ही नहीं सके।
नेट पर जल्दी पैसा कमाने का दावा करने वाली कोई भी कम्पनी जैसे वेब्वर्क, सोशल ट्रेड ,zarfund इत्यादि के लिए मैं सभी से कहूंगा कृपया कही भी पैसा मत लगाइये जो आपको 2 मेंबर जोड़ने की बात करता हो क्योकि भारत में MLM बिज़नस लीगल है सिर्फ इस शर्त के साथ कि आप केवल प्रोडक्ट बेच कर उसका कमीशन प्राप्त कर सकते हो न कि कोई जोइनिंग फीस लेकर।
इस कंपनी के फर्ज़ीवाड़े पर कुछ महीने पहले देवभूमि नामक यूट्यूब चैनल ने खुलासा किया था

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